Education NewsJal Yatra

पृथ्वी इनोवेशन्स द्वारा “जल यात्रा” का आयोजन हज़रतगंज में किया गया, जिसमें पंद्रह से भी अधिक संख्या के कई विद्यालयों के 300 बच्चों और युवाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. घैला पुल से शुरू हुई पृथ्वी इनोवेशन्स द्वारा संचालित “जल यात्रा”, में सभी ने आज जीपीओ से बदरिया बाघ चौराहे तक मार्च किया.

“गोमती गाथा”, नदी सफाई एवं पुनर्जन्म और नदी या जल संरक्षण हेतु, घैला पुल पर पृथ्वी की अनूठी जल यात्रा का शुभारंभ 21 अप्रैल को हुआ था. अनुराधा जी ने बताया कि इस जल यात्रा को 21 से 26 अप्रैल तक लखनऊ के अलग अलग हिस्सों में, जैसे इंदिरानगर, गोमतीनगर, अलीगंज, राजाजीपुरम, विकासनगर, राजेंद्रनगर, ईं रोड आदि 5000 लोगों को जोड़ने और जागरूक करने का प्रयास किया गया.

कचरे से निकले मटके को सुंदर स्वरुप देकर जल कलश बनाए और आज की जल यात्रा में सब से यह जल कलश अपने हाथों में पकड़ कर जल स्रोतों में गिरते हुए पानी के स्तर की तरफ सब का ध्यान केंद्रित किया.

पृथ्वी इनोवेशन्स की सचिव अनुराधा जी ने बताया कि,

“इस जल यात्रा का मुख्य उद्देश्य सूख रहे जल स्रोतों, नदियों को एवं पॉलिथीन, प्लास्टिक, विशेषत: रसायन आदि से दूषित हो रहे जल स्रोतों की तरफ सभी का ध्यान खींचना एवं जनता और सरकार से उन के संरक्षण एवं स्वच्छता की अपील करना हैं.”

इस जल यात्रा का उद्देश्य सभी को न केवल प्रकृति, जल, नदियों में पल रहे जीव जंतुओं से अपितु अपनी संस्कृति व आपस में भी, जैसे गांव को शहर से, जनता को सरकार से, सभी संस्थाओं को भी जोड़ना हैं और विशेषकर बच्चों के अंदर संवेदना और ज़िम्मेदारी का भाव जाग्रत करना हैं. आज की जल यात्रा के विशेष अथिति विख्यात वैज्ञानिक डॉक्टर सी एम नौटियाल एवं पायनियर मोंटेसरी स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती शर्मीला जी रही. एसपी (ईस्ट) पुलिस की टीम एवं डीएम ऑफिस से भी बहुत सहयोग मिला.

25 से भी अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियो ने, जैसे लखनऊ नगर निगम, जन शिक्षण संस्थान, बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, सेठ एआर जयपुरिया, सीएमएस विद्यालय की शाखाएँ, पायनियर मोंटेसरी, महर्षि विद्या मंदिर, बाल भारती, गांधी फेलोज, सीडीआरआई, एनबीआरआई एवं घैला गांव की महिलाओं एवं बच्चे इत्यादि सम्मिलित रहे. ईश्वर की वंदना के बाद सभी बच्चों, युवाओं ने पृथ्वी इनोवेशन्स के नेतृत्व में एक घण्टे तक जोशभरे नारों के साथ सभी को जल बचाने के लिए प्रेरित किया. जैसे,

“सूख रही हैं नदियाँ अपनी इनमें जल भर दे..सूख रहे हैं धरती अम्बर आओ इन में जल भर दे!”

सब ने मिल कर पॉलीथीन, प्लास्टिक, पूजा सामग्री, मूर्तियां आदि कचरे को नदी में नहीं डालने को कहा और अपने सभी जल स्रोतों को प्रदुषण से बचाने का संकल्प लिया. पृथ्वी इनोवेशन्स ने सभी अतिथियों को पृथ्वी इनोवेशन्स के “गोमती गाथा”, नदी सफाई और जल संरक्षण अभियान से अवगत कराया और गोमती नदी से एक रिश्ता जोड़ने के लिए घैला घाट पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत श्रमदान करने को आमंत्रित किया.

नगर निगम से अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव जी, वाटर एक्सपर्ट, बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से डॉ वेंकटेश दत्ता जी एवं अनुराधा जी ने सभी बच्चों, युवाओं एवं घैला पुल के निवासियों के साथ, मिट्टी के कलश, यानि मटकों में, गोमती नदी का थोड़ा सा जल भर कर और एक संकल्प के साथ कि सभी इस जल यात्रा को अपने अपने स्कूल, ऑफिस एवं उस के आसपास के लोगों तक इस को लेकर जायेगें और सब को जल का महत्व बताएगें. इस जल यात्रा की शुरुआत 21 अपैल को की थी. पृथ्वी इनोवेशन्स की टीम ने हर वर्ष की तरह इस बार भी, “पृथ्वी दिवस” 21 से 26 अप्रैल तक सभी लोगों को प्रकृति से खासतौर से गोमती नदी से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास किया.

Leave a Reply